Kreem Beej Mantra to Remove Darkness

In this post, I have written about the immense benefits of chanting the most powerful Kreem Beej Mantra to immediately remove the fear of anything, including unknown fear or remove restlessness, depression,  anxiety or phobia and calm down the mind and remove darkness.

Most of the times fears and phobias are psychological problems, which keep getting stronger and stronger as one gets older and if efforts are not made to remove this psychological disorder from the mind.

The practitioner has to first try to understand what he is fearful about and if it is illogical or without foundation or if the fear or depression is related to something that has occurred in the past, like a break-up, fight or any unpleasant occurrence or action by any person.

High frequency Kreem Beej Mantra

Such fears, phobias and restlessness are in most of the cases triggered-off by a thought that acts as the trigger. This thought is related to past events and is firmly entrenched in some corners of the mind and comes to the fore whenever the individual thinks in a particular way or sees or hears something.

In such cases, the practitioner should immediately start chanting the Beej Mantra given below.

Mantra
Om Kreem Namah ||
मंत्र
ॐ क्रीं नमः ||

Kreem is a most powerful Beej Mantra that is connected to Kali Mata and is the Root Mantra of Kali Mata.

The Kreem Beej Mantra will also help the practitioner, even if the fear and restlessness is not psychological in nature and is connected to fear from enemies, government, diseases, business, employment or any other real problem or danger.

How to chant the Kreem Beej Mantra
This Beej Mantra can also be chanted for a fixed number of chants in the mornings and evenings if the practitioner is suffering from chronic fear, phobia, anxiety or depression.

However, the number of Mantra Chants should not be less than 108. If the practitioner does not wish to use a counting rosary, then he can chant the Kreem Mantra for a fixed time, say 10-15 minutes.

He should also chant the Kreem Mantra whenever he feels restless, fearful or depressed.

The practitioner has to think about nothing else while chanting the Kreem Beej Mantra and remember that it is a very powerful frequency that has the power to do anything.

This form of Kreem Beej Mantra Meditation will remove the darkness from the mind, aura and surroundings of the practitioner and calm down his mind and bring peace and happiness into his life.

Comments

  1. कहते हैं महाकाली साधना नियम तर्क और व्याख्या से परे है ."क्रीं "या "ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ "मन्त्र का जाप अपनी श्रद्धानुसार जैसा बन सके वैसा करना चाहिए .श्रद्धानुरूप महाकाली की कृपा प्राप्त होगी .काली तंत्र में दक्षिण काली का २२ अक्षर का मन्त्र है -"क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ हीं हीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ हीं हीं स्वाहा ".तंत्र के अनुसार काली मन्त्र के सम्बन्ध में सिद्ध,साध्य,सुसिद्ध आदि चक्रों के विचार करने की आवश्यकता नहीं है ,और न ही इसकी उपासना में युगभेद के अनुसार चतुर्गण जपादि जैसे अतिरिक्त परिश्रम अथवा योगादि का आश्रय लेकर शरीर को कष्ट देने की आवश्यकता होती है .केवल स्मरण भर करने जप-मनन मात्र से मनुष्य जीवन्मुक्त हो सकता है .
    "काली सहस्राक्षरी "मन्त्र का प्रारम्भ उक्त २२ अक्षरी मन्त्र से होता है .सहस्राक्षरी का नित्य पाठ करने से ऐश्वर्य ,मोक्ष,सुख,समृद्धि एवं शत्रु विजय प्राप्त होता है .
    वैरी नाशन काली कवच तो प्रसिद्ध है ही .रोगनाशक महाकाली मन्त्र "ॐ ह्रीं क्रीं मे स्वाहा"भी महामृत्युंजय मन्त्र के समान प्रचंड है और यथाशक्ति जाप करने से रोग प्रशमन मे सहायक है .
    satyanidhi1939@gmail.com

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  2. Please give Kali Sahasraakshi Mantra along with Sidhi Vidhaan

    Kripya Kaali Sahasrakshi Mantra Vidhan sahit pradaan karein. Om

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    1. भगवती महाकाली सहस्राक्षरी मंत्र--
      ॐ क्रीं क्रीँ क्रीँ ह्रीँ ह्रीँ हूं हूं दक्षिणे कालिके क्रीँ क्रीँ क्रीँ ह्रीँ ह्रीँ हूं हूं स्वाहा ।

      शुचिजाया, महापिशाचिनी, दुष्टचित्तनिवारिणी,
      क्रीँ कामेश्वरी, वीँ हं वाराहिके, ह्रीँ महामाये, खं खः क्रोधाधिपे !
      श्रीं महालक्ष्म्यै ! सर्वहृदय रञ्जनी । वाग्वादिनी विधे त्रिपुरे ।
      हंस्त्रिँ हसकहल ह्रीँ हस्त्रैँ ॐ ह्रीँ क्लीँ मे स्वाहा ।
      ॐ ॐ ह्रीँ ईं स्वाहा ।
      दक्षिणकालिके क्रीँ हूं ह्रीँ स्वाहा ।
      खड्गमुण्डधरे, कुरुकुल्ले तारे, ॐ ह्रीँ नमः भयोन्मादिनी भयं मम हन हन । पच पच । मथ मथ ।
      फ्रेँ विमोहिनी सर्वदुष्टान मोहय मोहय ।
      हयग्रीवे, सिँहवाहिनी, सिँहस्थे, अश्वारुढे,अश्वमुरिप विद्राविणी विद्रावय मम शत्रून ये मां हिंसितुमुद्यता: तान ग्रस ग्रस ।
      महानीले, वलाकिनी, नीलपताके, क्रेँ क्रीँ क्रेँ कामे, संक्षोभिणी, उच्छिष्टचाण्डालिके, सर्वजगद वशमानय वशमानय ।
      मातंगिनी उच्छिष्टचाण्डालिनी मातंगिनी सर्ववशंकरी नमः स्वाहा ।
      विस्फारिणी । कपालधरे । घोरे । घोरनादिनी । भूर शत्रून् विनाशिनी । उन्मादिनी ।
      रोँ रोँ रोँ रीँ ह्रीँ श्रीँ हसौः सौँ वद वद क्लीँ क्लीँ क्लीँ क्रीँ क्रीँ क्रीँ कति कति स्वाहा |
      काहि काहि कालिके ।
      शम्वरघातिनी, कामेश्वरी, कामिके, ह्रं ह्रं क्रीँ स्वाहा ।
      हृदयाये ॐ ह्रीँ क्रीँ मे स्वाहा ।
      ठः ठः ठः क्रीँ ह्रं ह्रीँ चामुण्डे हृदय जनाभिअसूनव ग्रस ग्रस दुष्टजनान् ।
      अमून शंखिनी क्षतजचर्चितस्तने उन्नतस्तने विष्टंभकारिणि । विघाधिके । श्मशानवासिनी । कलय कलय । विकलय विकलय । कालग्राहिके । सिँहे । दक्षिणकालिके । अनिरुद्ध ये । ब्रूहि ब्रूहि । जगच्चित्रिरे । चमत्कारिणी । हं कालिके । करालिके । घोरे । कह कह । तडागे । तोये । गहने । कानने । शत्रुपक्षे । शरीरे मर्दिनि पाहि पाहि । अम्बिके । तुभ्यं कल विकलायै । बलप्रमथनायै । योगमार्ग गच्छ गच्छ । निदर्शिके । देहिनि । दर्शनं देहि देहि । मर्दिनि महिषमर्दिन्यै । स्वाहा ।
      रिपुन्दर्शने दर्शय दर्शय । सिँहपूरप्रवेशिनि । वीरकारिणि । क्रीँ क्रीँ क्रीँ हूं हूं ह्रीँ ह्रीँ फट् स्वाहा ।
      शक्तिरुपायै । रोँ वा गणपायै । रोँ रोँ रोँ व्यामोहिनि । यन्त्रनिके । महाकायायै । प्रकटवदनायै । लोलजिह्वायै । मुण्डमालिनि । महाकालरसिकायै । नमो नमः ।
      ब्रम्हरन्ध्रमेदिन्यै नमो नमः ।
      शत्रुविग्रहकलहान्त्रिपुरभोगिन्यै । विषज्वालामालिनी । तन्त्रनिके । मेधप्रभे । शवावतंसे । हंसिके । कालि कपालिनि । कुल्ले कुरुकुल्ले । चैतन्यप्रभे प्रज्ञे तु साम्राज्ञि ज्ञान ह्रीँ ह्रीँ रक्ष रक्ष । ज्वाला । प्रचण्ड । चण्डिके । शक्ति । मार्तण्ड । भैरवि । विप्रचित्तिके । विरोधिनि । आकर्णय आकर्णय । पिशिते । पिशितप्रिये । नमो नमः ।
      खः खः खः मर्दय मर्दय । शत्रून् ठः ठः ठः । कालिकायै नमो नमः ।
      ब्राम्हयै नमो नमः ।
      माहेश्वर्यै नमो नमः ।
      कौमार्यै नमो नमः ।
      वैष्णव्यै नमो नमः ।
      वाराह्यै नमो नमः ।
      इन्द्राण्यै नमो नमः ।
      चामुण्डायै नमो नमः ।
      अपराजितायै नमो नमः ।
      नारसिँहिकायै नमो नमः ।
      कालि । महाकालिके । अनिरुध्दके । सरस्वति फट् स्वाहा ।
      पाहि पाहि ललाटं । भल्लाटनी । अस्त्रीकले । जीववहे । वाचं रक्ष रक्ष । परविद्या क्षोभय क्षोभय । आकर्षय आकर्षय । कट कट । महामोहिनिके । चीरसिध्दके । कृष्णरुपिणी । अंजनसिद्धके । स्तम्भिनि । मोहिनि । मोक्षमार्गानि दर्शय दर्शय स्वाहा ।।
      नोट-किसी तरह के विधि विधान की आवश्यकता न होकर माँ काली की पूजाकर वाचिक पाठ करें .



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  3. Om shanti. Please do help me. My brother and his wife did black magic to kill me and my mother. Now they have filed a domestic violence case against my mom. She is handicap and a senior citizen. They are doing this out of greed and want her property. Please someone help. I have been to to police as well.

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    1. माँ बगलामुखी के निम्न मन्त्र का यथाशक्ति जाप करें .कम से कम एक माला सुबह और रात्रि को अवश्य करें .उचित होगा यदि संकल्प लेकर रोज निश्चित संख्या में जप करें --ॐ ह्लीं (HLEEM )बगलामुखी मम शत्रूणां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं
      विनाशय ह्लीं ॐ फट स्वाहा .

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