Shri Krishna Mantra for Satyanarayan Puja

Satyanarayan Puja is one of the most popular and famous of Hindu religious rituals, which is dedicated to the Satyanarayan Form of Vishnu or the Vishnu Symbolizing the Eternal Truth. This Puja is said to resolve any kind of problem, including health, wealth and domestic issues and replace them with an atmosphere of auspiciousness and happiness.

Most Hindus would be aware of the significance of the Satyanarayan Puja and the Satyanarayan Vrath Katha. Many people would either have performed this devotional and most powerful Puja in their homes or at-least attended it elsewhere.

There are some people who regularly perform the Satyanarayan Puja in their homes themselves without engaging the services of a priest, on auspicious occasions and Purnima. Specific details on conducting the Satyanarayan Puja at home are available in booklets, which are found everywhere.

It is in-fact a really simple Puja, which can be easily performed in their homes by anyone, including housewives having basic knowledge about Hindu rituals.

One of the most important and beneficial part of this ritual is the chanting the 108 Names of Vishnu  while offering a Tulsi Leaf to the Puja.

This ritual of chanting the 108 Names can be replaced by chanting the Mantra of Shri Krishna given below either 108 or 1008 times while offering a Tulsi Leaf to the Satyanarayana Puja. It can also be chanted, if so desired after performing the 108 Names of Vishnu ritual.

मन्त्र  
क्लीं श्रीं कृष्णाय नमः ||
Mantra
Kleem Shreem Krishnaya Namah ||

Shri Krishna is one of the more popular of the Forms of Vishnu and hence, this Mantra should be especially beneficial and effective for those people who are devoted Bhakts of Krishna or have Krishna as their Ishta Devta.

The Satyanarayan Puja at home is usually performed early in the morning. Performing it during the Pradosh Kaal can also prove to be most beneficial. 

Comments

  1. नीलजी,प्रसंग से हटकर कुछ कहने के लिए क्षमार्थी हूँ.भगवान् विष्णु के एक अन्य रूप श्रीराम के दर्शन का
    विवरण प्रस्तुत है .सुधी पाठक / पाठिकाएं इस प्रयोग को करने का प्रयत्न करें .कलश स्थापना साधक स्वयं
    भी कर सकते हैं ,विधि सरल है .कमरे में नाली का होना सर्वत्र संभव नहीं ,ात : कोने में मिटटी का पात्र
    रख सकते हैं .प्रयोगकरने वाले अपने अनुभव अवश्य बताएं .
    श्रीराम के दर्शन हेतु --
    -------------------------
    बहुत वर्षों पहले 'कल्याण 'के एक पुराने अंक मे पढ़ा था,जिसे प्रस्तुत कर रहा हूँ.
    विधि इतनी ही है कि एक एकांत कमरे को सब सामान हटाकर खाली करके धोकर स्वच्छ कर लेना
    चाहिए .सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करके उस कमरे मे
    किसी पंडित द्वारा कलश स्थापित कराके गणेशजी का पूजन कर लेना चाहिए और शुद्ध घी का अखंड दीपक जला लेना चाहिए.
    सूर्योदय के समय से ही "राम"-इस नाम को स्पष्ट रूप से बोलना प्रारंभ कर देना चाहिए और दूसरे दिन सूर्योदय तक अर्थात पूरे चौबीस घंटे "राम राम" बोलते रहना है .इसके लिए केवल इतने नियम हैं -1.एक क्षण को भी राम-राम का बोलना बंद न हो.2.उस कमरे से बाहर न जाया जाए .3.उस कमरे मे दूसरा कोई इस बीच मे न आए .द्वार भीतर से बंद रहे .4.अखंड दीपक बुझने न पाए.
    एक दिन पहले ऐसा भोजन करना चाहिए कि अनुष्ठान
    के दिन शौच -लघुशंका अधिक तंग न करें .अनुष्ठान वाले कमरे मे जल रखना चाहिए .आवश्यक होने पर बोलते हुए जप चलता रहे और लघुशंका से निवृत्त हुआ जा सकता है कमरे मे ही नाली पर .उस कमरे मे अनुष्ठान करने वाला बैठे,खड़ा हो,टहले ,चाहे जैसे रहे,किंतु नामोच्चारण बंद न हो ,इतना ध्यान रखे
    दूसरे दिन प्रात:काल कलशादि का विसर्जन कर दिया जाता है.
    रहेउ एक दिन अवधि अधारा . समुझत मन दुख भयउ अपारा .
    कारन कवन नाथ नहि आयउ .जानि कुटिल किधौं मोहि बिसरायउ .
    अहह धन्य लछिमन बड़भागी .राम पदारविन्द अनुरागी
    .कपटी कुटिल मोहि प्रभु चीन्हा .ताते नाथ संग नहिं लीन्हा .
    जौ करनी समुझे प्रभु मोरी ,नहि निस्तार कलप सत कोरी .
    जन अवगुन प्रभु मान न काऊ,दीनबंधु अति मृदुल सुभाऊ.
    मोरे जियँ भरोस दृढ सोई ,मिलिहहिं राम सगुन सुभ होई .
    बीतें अवधि रहहिं जौं प्राना,अधम कवन जन मोहि समाना .
    इन चौपाइयों का आर्तभाव से भगवान् श्रीराम के शीघ्र
    दर्शन की अत्यंत उत्कट उत्कंठा को लेकर जब तक कार्य
    सिद्ध न हो जाय ,कम से कम 21 बार जप करें और साथ
    ही "ऊं राँ रामाय नम: "मन्त्र की 11 माला का जप करें .

    ReplyDelete
  2. Very rare and powerful Mantra Sadhana for Shri Ram Darshan, devoted and longtime Ram Bhakts can have a look at this Sadhana.

    ReplyDelete

Post a Comment

Feel free to speak your mind and share your thoughts and knowledge. Answer the Queries of others. Please do not expect answers for obvious or personal questions. Information/HTML given in comments; especially on Vashikaran, Mohini, Akarshan, Occult, Witchcraft, Hex and Voodoo Spells, Black Magic Mantra, Tantra, Jadu- Tona, Totka and Upay is not endorsed by this site See New Comment Policy

Most Popular Posts

Most powerful Vashikaran Mantra

Attraction Mantras